color therapy kya hai aur rango se ilaaz kaise hota hai

रंग चिकित्सा क्या है और रंगों से इलाज़ कैसे होता है 

आज हम modern life-style से जी रहे इस में क्या आपको लगता है color therapy आपके काम की है क्या आपको ये believe है color therapy 21वी century बीमारयो को ठीक करने में आपकी मदद कर सकती है!

 color therapy जिसे आप हिंदी में रंग चिकिस्ता कह सकते ये क्या होती है और कैसे इसे बीमारयो का treatment किया जा सकता है!

 color therapy या  रंग चिकित्सा क्या है

रंगों से बीमारियो का इलाज़ करना color threpay या रंग चिकित्सा कहलता है!

 इसे क्रोमोथेरपी,choromotherapy color healing भी कह जाता है!

 ये ऐसा इलाज़ है जिसमे medicine का use नहीं किया जाता है!

 जिसका काम ये है ये हमारी body energy को balnce करने में help करती है! इसकी मदद से depression , stress और emotions से जुडी problem दूर करने ये treatment काफी popular है!

scientifically ये prove है की रंग या colors आपके mood या सोच को बदल सकते है! प्राचीन मिस्रा (Egypt), चीन और भारत इसका इतिहास मिलता है!

 वास्तव में रंग और प्रकाश को use कर इलाज़ की ये therapy सबसे पहली therapy में से एक है!  

 color therapy में रंग important part चिकित्सा में!

रंगों के साथ crystals का use कर लोगो में जो उनकी best potential निकल सकते है उस person के शारीरक (physically), मानसिक (mentally), भावनातमक (emotionally), और आध्यात्मिक (spiritually) रूप strong बनाने में help कर सकती है!  

जल चिकित्सा क्या होती है इससे इलाज़ कैसे करे ! 

रंगों से इलाज कैसे होता है!

रंग प्रकश का ही एक part है ये electromagnetic की तरंगे हमारे चारो और है! ये रंग उन का एक हिस्सा है! हमारे body में हर एक कोशिका या cell को प्रकाश energy की जरुरत है! हमारी body के cells रंगों को सोख (absorb) लेते है! जिसे ये शारीरिक और भावनाओं को प्रभावित करती है!

हर रंग या color की अपनी frequency (आवृत्ति) होती है frequency को आप समझते ही होगा

जैसे रेडिओं पर गाने सुनते है आप frequency change करते तो दूसरा fm Chanel start हो जाता है! सही frequency  होने आपको वो प्रोग्राम सही सुने को मिलता है गलत आप उस सही सुन नहीं सकते है!

जिससे body के संपर्क में आने आने हर रंगों का अलग-अलग effect पड़ता है!

ये माना जाता है हमारी body में 7 चक्र होते है और इद्रधनुष (rainbow) के जो 7 color है जिसमे लाल,पीला,हरा,नीला,नारंगी,बैगनी और गहरा नीला (indigo) शरीर के उन च्रको से जुड़े है!

 ये माना जाता है हमारी body 7 main energy centers या चक्र है ये चक्र मुख्य organs और nerves system के पास है!

ये रंग उन चक्रो का परतिनिधित्व करते है! ये color उन चक्रो से जुड़े है और शरीर healthy रखने में important role निभा सकते है!

इसलिए इन रंगों का color therapy में use किया जाता है और जो चक्र अपना संतुलन खो रहा उस संतुलित किया जाता है!

 रंग और हम

हमें प्राकृतिक ने ऐसा world दिया है जहा हमारे चारो और रंग ही रंग है! जिन घरो में हम रह रहे है जिन करो में हम घूम रहे है

जो कपडे हम पहना  रहे है टी.वी या internet में हम जो entertainment के लिये देख रहे है सब जगह color ही color है

 इसलिए ये रंग हमारी feeling और emotional change करने वाले साबित हो सकते है! बिना रंग दुनिया की कल्पना भी नहीं की जा सकती है!  

आध्यात्मिक चिकित्सा से बीमारी का उपचार कैसे होता है ?

Alkaline water ke 5 top health benefits kya hai

Homeopathic medicine important Kyu ho Sakti ha

हम color therpay का use कहा कर सकते है

यादि आप उदास या depression में तो इसका उपयोग कर कर आपको मानसिक रूप strong बनाने में color therapy का उपयोग कर सकते है! जिस आप शांत और आरादायक feel करने में आपकी मदद कर सकता है !

इसे आपको एक आपने अंदर energy level बढ़ने में help कर सकती है जिससे आपका immune system strong होगा हो आप बहुत बीमारयो से बच सकते है!

color therapy kya hai aur rango se ilaaz kaise hota hai

हमारे body के चक्र और उनका रंगों से सम्बन्ध  

Indian philosophy के अनुसार हमारी body में 7 आध्यात्मिक energy के केंद्र है! इसका सम्बन्ध रगों से मानते है!

1.. root चक्र जिसे मूल चक्र भी कहा जाता है जो हमारे body base या staring चक्र है! इसको लाल रंग से संबध बातये जाता है पृथ्वी या earth की power से जुडा हुआ इसको मानते है! या आधार पर स्थित है!

नाभि से 2 या 3 इंच नीचे स्थित त्रिक चक्र को नारंगी द्वारा दर्शाया जाता है। इस चक्र को प्रजनन, गुर्दे और अधिवृक्क और आनंद के साथ जोड़ा जाता है। यह मन-शरीर चक्र है।

2. sacral चक्र ये नाभि से 2 से 3 inch निचे इसका स्थान माना जाता है! इसे चक्र नारंगी रंग संबध मना जाता है! इसका चक्र प्रजनन से अंगो से जुडा हुआ है! ये हमारे ख़ुशी से जुडा है!

3.solar plexus चक्र ये चक्र नाभि से ऊपर और दिल से निचे है मना जाता है! इसका संबध पीले रंग से बातया जाता है! ये चक्र मुख्य रूप पाचन से जुड़े अंगो से जुड़ा है! ये सकारात्मक और कल्याण से जुड़ा हुआ है!  

4.heart चक्र ये चक्र दिल के पास है ये मना जाता है ये दिल, फेफड़ो और हमारी immune system से जुड़ा है! ये हरा रंग से संबध रखता है! ये उर्जा और मानसिक ध्यान से जुड़ा हुआ है!

5.throat चक्र ये चक्र गले में स्थित ये मना जाता है! इसका संबध नीले रंग से मना जाता है! ये थाइरोइड से जुड़ा हुआ मना जाता है! शांतिपूर्ण अभिव्याक्ति से जुड़ा है!

6.third चक्र दोनों भौह से बीच इसका स्थान मना जाता है! इसको तीसरी आँखे के नाम से भी इसे जानते है इसका संबध गहरे नीले रंग (indigo) से है ये पिनियल और पिट्यूटरी ग्रन्थि से जुडा हुआ है! ये हमारी नीद और ज्ञान से जुड़ा हुआ है!

7.  crown चक्र इसका स्थान हमारे सिर में है! बैगनी रंग इसका सम्बध मना जाता है! दिमाग में जुड़ा हुआ है ये सपने और अध्यात्मिकता से जुड़ा हुआ है!

Leave a Comment