eating disorders kya hai ? hindi me

ये  eating disorders kya है आप जानते है   ये  बीमारी कैसे  और क्यों हो  जाती  है  इसका  treatment  कैसे किया जाता है !  

Eating disorders क्या होता है 

खाने में होने वाले विकारों को कहते है ! भोजन का अधिक खाना या भोजन को बहुत कम खाना  ! ये खाने में गड़बड़ी की निशानिया है ! भूख की कमी anorexia के symptoms जिसके परिणामस्वरूप कम वजन होता है ! आमतौर पर ये women और teenagers में पाय जाता है !

especially औरतो को ज्यादा होता है ! generally माध्यम आयु में महिलाओ का जो वजन होना चाहिये आनुपातिक height-weight के formula के हिसाब से  वो या तो कम होता है या ज्यादा होता है ! जबकि ये वजन और उचाई के बराबर होना चहिये !

ऐसा न होने पर हमारी body की images अच्छी नहीं बनती है ! कभी–कभी खाने की कमी बहुत पतली body shape या ज्यादा खाना खाने की वजह से OVERWEIGHT या OBESITY के रूप में देखते है !

obesity aur anorexia ek eating disorders hai

खाने के विक़ार obesity और anorexia से कैसे जुड़ा है ?

खाने के विकार और व्यवहार में abnormal की Anorexia या bulimia पहचाना जाता है हमारी life कभी-भी  overeating या ज्यादा खाना का लेना हमारी life का part नहीं था!

लेकिन junk food के uncontrolled सेवन desire या इच्छा ने इसे बढ दिया है जो obesity या मोटापे का main reason बनता जा रहा है !

खाने के दोनों विकार Anorexia या bulimia जो लगातार खाने की habit या भूख की कमी symptoms person over-controlling परिवारों से आते है

जहा उचित परवरिश की कमी होती है ! इसका treatment के लिए उस person की health पर ध्यान दिया जाता है और normal खाने की आदतों को बनाया जाता है और खाने के प्रति उनके faulty thinking पता लगा कर उनको दूर करना है !

खाने के विकार और हमारी खाने की आदते 

आम तौर पर anorexia और bulimia ये खाने की विकार की बीमारी हमारे खाने की आदत या खाने की कमी की और संकेत करती है !

मोटे लोगो के बारे में यहाँ कहा गया उनकी body की कोशिका ज्यादा मात्रा में वसा होता है जो की उनके obesity की वजह बनता है !

adults और बच्चो को overeating (ज्यादा खाना ) के कारण होने problem और pain दूर को दूर किया जा सकता है ! metabolism unbalanced को टीक कर के !

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अच्छी और balancing diet या खाने की अच्छी आदतों से ! इस विकार पर बहुत शोध और research हुए जिसे से साबित होता है overeating की problem आमतौर financial strong family में ज्यादा देखने को मिलती है !

जबकि anorexia वाली problem आमतौर पर ये लोग उन परिवारों से आते जहा पोषण की कमी होती है ! वो जो financial रूप strong न होने पर !

studies से पता चलता है मोटापा बचपन में यौन शोषण का एक symtoms भी हो सकता है ! जिसे उसकी feeling hurt होती है जो की व्यक्तिगत रूप से बिखरने की वजह बन सकता है !

जो बहुत कम age में मासूमियात, विश्वास, आत्मसम्मान खो दे देना जैसे नुकसान के लिए मजबूर करता है ! इसके आलावा normally fraternal twins (जुड़वाँ बच्चे ) या वो reatives जिनसे आपका blood relation है

और किसी परिवार के सदस्य को anorexia तो वो दुसरे member तक पहुच सकती है क्योकि biological component एक होते है !

Negative emotion के बाद लोगो में भूख के आभाव  (anorexia) हो सकता है

भूख का आभाव negative emotion से जुड़ा मन जाता है जिनसे eating disorders

 चिंता (anxiety) में रहना

Depression मे रहना

डर (fear) मे, आतंक (terror) में, भय (fear) में रहना

घृणा (aversion) में रहना

present situation अच्छी न होना

मानसिक यातना (mental torture) सहना

प्रेम में असफल होना love-sick

निराशा ( discouragment ) में होना

शक करने की आदत (doubting habits)

अत्यधिक आत्म-चिंता ( excessive self-concern)

बीती हुई बातो के लिए पश्चाताप करना

मानसिक या शारीरिक थकावटnew places या स्थान पर adjust न कर पाना

यादि इस nageative emotion को सही time पर पकड़ा लिया जाए तो कम वजन वाले भूख की कमी और कमजोरी का treatment किया जा सकता है,

लेकिन अगर इसे जारी रहने दिया जाए तो आसानी से गंभीर शारीरिक problem और मृत्यु तक हो सकती है ! खाने की विकार को समझना बहुत जरुरी है !

ओवरबीटिंग हैबिट्स (मोटापा) खाने के विकार या obesity eating disorders  

Individuals ओवरईटिंग आदतों ’(मोटापा) के लक्षण वाले कई व्यक्ति ऐसे परिवारों को नियंत्रित करने के लिए आते हैं जहां उचित परवरिश की कमी होती है।

जंक फूड के सेवन की अनियंत्रित इच्छा मोटापे के प्रमुख कारणों में से एक है। इस विकार की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं

ओवरईटिंग (भोजन की बड़ी मात्रा का सेवन) जिसके बाद शुद्धिकरण (कृत्रिम साधनों के माध्यम से भोजन को समाप्त करना जैसे कि मजबूर उल्टी, जुलाब का अत्यधिक उपयोग, उपवास की अवधि या अत्यधिक व्यायाम)।

सामान्य स्वास्थ्य को बहाल करने और फिर सामान्य खाने के पैटर्न पर ध्यान केंद्रित करने और अंतर्निहित मुद्दों की खोज पर प्राथमिक ध्यान केंद्रित करें।

नेगेटिव इमोशंस’ को मुख्य रूप से ओवरईटिंग आदतों (मोटापे) से जोड़ा जाता है:eating disorders 

खाने की अनियंत्रित इच्छा।

आंतरिक आवाज द्वारा निर्देशित होने में विफल रहता है

बार-बार वही गलती दोहराने की आदत

पिछले अनुभवों से नहीं सीखता

लापरवाही

आत्म केन्द्रित

प्रभावशाली, बेशर्म या बेशर्म का सामना करना पड़ा

अति उत्साह में

परमानंद या उत्साह

प्रकृति पर तानाशाही और हावी होना

खाने के विकार –  मोटापा obesity और anorexia  बुलिमिया – और नकारात्मक भावनाएं सहसंबंध।

हमने पाया कि, वंशानुगत या जैविक कारकों में से कुछ को छोड़कर, अक्सर “ईटिंग डिसऑर्डर, मोटापा, एनोरेक्सिया या बुलिमिया” के कारण शारीरिक से अधिक मानसिक होते हैं।

एक खराब संबंध, खराब आत्म छवि, दुरुपयोग का इतिहास, तनाव, हताशा, लापरवाही, अज्ञानता और कई अन्य कारक जीवन के प्रति आपके समग्र दृष्टिकोण को बदल सकते हैं

जो सीधे आपके समग्र प्रदर्शन को बाधित कर सकते हैं। इस तरह की प्रवृत्तियाँ मन में गहरी होती हैं और अत्यधिक नकारात्मक भावनाओं द्वारा पोषित होती हैं।

obesity और  anorexia ek eating disorders hai ?  इसके  लिए  इलाज़ के आप  doctor  के पास जाये  वो  आपके  रोग  और  condition के  अनुसार  आपको  दवा  देगे  और  एक अच्छी  खाने  की  diet  देगे  जो  आपको  मानसिक  और   शारीरिक  needs को  पूरा करती  हो ! 

अगर आपकी problem की वजह शारीरिक न हो कर मानसिक है आपको  मानो चिकित्सा  के पास भी भेजा जा सकता है जो आपकी problem को सुना कर आपको सही advice देगे !

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